भारत ने मंगलवार को कहा कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद 1945 की व्यवस्था में काम कर रही है। यह विश्वसनीयता के संकट का सामना कर रही है। भारत ने आगे कहा कि ‘निहित स्वार्थ’ उन सुधारों को रोक रहे हैं, जिनकी आवश्यकता इसे समकालीन चुनौतियों का सामना करने में सक्षम बनाने के लिए है। भारत के स्थायी प्रतिनिधि पी. हरीश ने मंगलवार को कहा, ‘परिषद सुधारों पर अंतर-सरकारी वार्ता (आईएन) में प्रगति की कमी कई सदस्य देशों के यथास्थिति बनाए रखने और आठ दशक पुरानी संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद संरचना को बरकरार रखने के निहित स्वार्थों का संकेत है।’ सुधारों में मुख्य रूप से संयुक्त राष्ट्र के कुछ सदस्य देशों का एक छोटा समूह बाधा डाल रहा है, जो स्वयं को यूनाइटिंग फॉर कंसेंसस (यूएफसी) कहते हैं। इस समूह का नेतृत्व इटली कर रहा है। इसमें पाकिस्तान भी शामिल है। यह समूह बातचीत को आगे बढ़ने से रोकने के लिए प्रक्रियात्मक दांव-पेच का इस्तेमाल करता है।
Sunday, October 11
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