भारतीय टीम के अनुभवी ऑलराउंडर हार्दिक पांड्या ने विदर्भ के खिलाफ अपना दम दिखाया। विजय हजारे ट्रॉफी में बड़ौदा के लिए खेलते हुए हार्दिक ने दमदार शतकीय पारी खेली। इतना ही उन्होंने एक ओवर में लगातार पांच छक्के लगाए। हार्दिक ने इस दौरान अपनी आक्रामक बल्लेबाजी का शानदार नमूना पेश किया। उन्होंने 93 गेंदों में 133 रन बनाए।
हार्दिक ने 68 गेंदों पर पूरा किया शतक
बड़ौदा का स्कोर एक समय छह विकेट पर 136 रन था, लेकिन इसके बाद हार्दिक ने अपना कमाल दिखाया। उन्होंने अपनी पारी में कुल मिलाकर 11 छक्के और आठ चौके लगाए। हार्दिक ने महज 68 गेंदों पर शतक लगाया और टी20 विश्व कप के ठीक पहले बल्लेबाजी में दमदार प्रदर्शन किया। इस प्रतियोगिता में अपना पहला मैच खेल रहे हार्दिक ने सातवें नंबर पर बल्लेबाजी करते हुए तूफानी पारी खेली। इस तरह से वह अपने 119वें मैच में लिस्ट ए में अपना पहला शतक जमाने में सफल रहे। उनकी इस पारी की मदद से बड़ौदा ने नौ विकेट पर 293 रन का प्रतिस्पर्धी स्कोर बनाया।
बड़ौदा का स्कोर एक समय छह विकेट पर 136 रन था, लेकिन इसके बाद हार्दिक ने अपना कमाल दिखाया। उन्होंने अपनी पारी में कुल मिलाकर 11 छक्के और आठ चौके लगाए। हार्दिक ने महज 68 गेंदों पर शतक लगाया और टी20 विश्व कप के ठीक पहले बल्लेबाजी में दमदार प्रदर्शन किया। इस प्रतियोगिता में अपना पहला मैच खेल रहे हार्दिक ने सातवें नंबर पर बल्लेबाजी करते हुए तूफानी पारी खेली। इस तरह से वह अपने 119वें मैच में लिस्ट ए में अपना पहला शतक जमाने में सफल रहे। उनकी इस पारी की मदद से बड़ौदा ने नौ विकेट पर 293 रन का प्रतिस्पर्धी स्कोर बनाया।
पार्थ रेखाडे को बनाया निशाना
हार्दिक ने 39वें ओवर में विदर्भ के स्पिनर पार्थ रेखाडे को निशाना बनाया। उन्होंने इस ओवर में कुल 34 रन बटोरे, जिसमें पांच छक्के और एक चौका शामिल था। उन्होंने पहली पांच गेंदों पर छक्के लगाए लेकिन आखिरी गेंद पर चौका ही लगा सके। हार्दिक के पास छह गेंदों पर छह लगाने का सुनहरा अवसर था, लेकिन आखिरी गेंद चौका के लिए गई जिससे वह यह उपलब्धि हासिल करने से चूक गए। हार्दिक के दबदबे का अंदाजा इससे भी लगाया जा सकता है कि बड़ौदा की तरफ से दूसरा सर्वोच्च स्कोर विष्णु सोलंकी का था जिन्होंने 26 रन बनाए।
हार्दिक ने 39वें ओवर में विदर्भ के स्पिनर पार्थ रेखाडे को निशाना बनाया। उन्होंने इस ओवर में कुल 34 रन बटोरे, जिसमें पांच छक्के और एक चौका शामिल था। उन्होंने पहली पांच गेंदों पर छक्के लगाए लेकिन आखिरी गेंद पर चौका ही लगा सके। हार्दिक के पास छह गेंदों पर छह लगाने का सुनहरा अवसर था, लेकिन आखिरी गेंद चौका के लिए गई जिससे वह यह उपलब्धि हासिल करने से चूक गए। हार्दिक के दबदबे का अंदाजा इससे भी लगाया जा सकता है कि बड़ौदा की तरफ से दूसरा सर्वोच्च स्कोर विष्णु सोलंकी का था जिन्होंने 26 रन बनाए।

