भारत जैसे-जैसे डिजिटल सेवाओं और ऑनलाइन वित्तीय लेनदेन में विस्तार कर रहा है, वैसे-वैसे स्पैम कॉल्स का खतरा भी बढ़ता जा रहा है। टेलीकॉम कंपनियों की सख्ती के बावजूद स्पैम कॉल का खतरा कम होता नहीं दिख रहा है। भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (TRAI) ने स्पैम कॉल को लेकर ताजा डेटा साझा किया है जो चौंकाने वाला है। साल 2023 में स्पैम कॉल्स से जुड़ी लगभग 13.62 लाख शिकायतें दर्ज की गई थीं, जो 2024 में बढ़कर 19.38 लाख और साल 2025 में छलांग लगाकर 31.09 लाख तक पहुंच गईं। यह लगातार बढ़ता ग्राफ हमारी डिजिटल सुरक्षा व्यवस्था में सेंध को उजागर करता है। जालसाज अब केवल फोन नहीं कर रहे, बल्कि अत्याधुनिक रोबोटिक कॉलिंग और ऑटो-डायलर्स का इस्तेमाल कर रहे हैं। फर्जी लोन ऑफर, क्रेडिट कार्ड प्रमोशन, लॉटरी और निवेश के लालच भरे जाल बिछाए जा रहे हैं। रिपोर्ट्स की मानें, तो देश के 60% मोबाइल यूजर्स को रोजाना औसतन 2 से 3 स्पैम कॉल्स या मैसेज आते हैं। सबसे बड़ी चुनौती यह है कि ये कॉल्स अक्सर सामान्य मोबाइल नंबरों जैसे दिखते हैं, जिससे आम आदमी आसानी से झांसे में आ जाता है।
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