केंद्र सरकार की ‘ग्रेट निकोबार द्वीप’ परियोजना पर कांग्रेस लगातार सवाल खड़े कर रही है। इसी क्रम में रविवार को कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को एक पत्र लिखा, जिसमें उन्होंने पर्यावरणीय मंजूरी, आदिवासी अधिकारों और परियोजना को रणनीतिक आधार पर उचित ठहराए जाने पर गंभीर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस नेता ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, ‘केंद्रीय पर्यावरण, वन व जलवायु परिवर्तन मंत्री और केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री को पत्र लिखने के बाद मैंने अब ग्रेट निकोबार द्वीप परियोजना के संबंध में रक्षा मंत्री को भी पत्र लिखा है।’कांग्रेस नेता ने कहा कि ये ‘अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न’ परियोजना को मिली पर्यावरणीय मंजूरियों को लेकर पूरी तरह भ्रामक तस्वीर पेश करते हैं, जो असल में बेहद संदिग्ध आधारों पर दी गई हैं। इसके अलावा, यह मंजूरी प्रक्रिया के तहत वन अधिकार अधिनियम, 2006 के प्रावधानों के पालन की स्थिति को पूरी तरह गलत तरीके से प्रस्तुत करते हैं। जयराम रमेश ने कहा कि असल में यह प्रक्रिया संसद की ओर से आदिवासी समुदायों को दिए गए व्यक्तिगत और सामूहिक अधिकारों का भावना और शब्द दोनों स्तरों पर खुला उल्लंघन करती है। राजनाथ सिंह को लिखे पत्र में कांग्रेस नेता ने कहा, ‘यह परियोजना मूल रूप से एक कमर्शियल वेंचर है और इसके कारण होने वाले इकोलॉजिकल नुकसान को लेकर बढ़ती सार्वजनिक आलोचना का सामना कर रही है। इसे सरकार की ओर से तथाकथित रूप से सर्वोपरि सुरक्षा कारणों के आधार पर उचित ठहराने की कोशिश की जा रही है। मैं स्पष्ट रूप से कहना चाहता हूं कि हमारे देश की रक्षा क्षमताओं को मजबूत करने की आवश्यकता पर कोई दो राय नहीं हो सकती।’
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