राष्ट्रपति ट्रंप की मंजूरी पर निर्भर है समझौता
व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बात करते हुए स्कॉट बेसेंट ने साफ किया कि ईरान के साथ फिलहाल कोई समझौता नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि कोई भी समझौता राष्ट्रपति ट्रंप की मंजूरी पर निर्भर करेगा। उन्होंने कहा, ‘टीमें लगातार बातचीत कर रही हैं और राष्ट्रपति ट्रंप ने यह साफ कर दिया है। ईरान को अपना संवर्धित यूरेनियम सौंपना होगा। उसे परमाणु हथियार रखने की बिल्कुल भी इजाजत नहीं दी जाएगी और होर्मुज जलडमरूमध्य में मुक्त आवागमन जरूरी है। समुद्री मार्ग पहले की तरह खुला और स्वतंत्र होना चाहिए।’ वित्त मंत्री ने तर्क दिया कि हाल के अमेरिकी सैन्य और आर्थिक दबाव के कारण ईरान बातचीत की मेज पर आया है। उन्होंने कहा, इस प्रशासन ने और राष्ट्रपति ट्रंप ने वह किया है जो कोई और प्रशासन नहीं कर सका। हमने ईरानियों को उनके परमाणु कार्यक्रम पर बात करने के लिए तैयार किया है और शायद यह भी कि वे परमाणु हथियार न रखें। ऐसा पहले कभी नहीं हुआ। बेसेंट ने यह भी कहा कि किसी भी भविष्य की प्रतिबंधों में ढील तभी दी जाएगी जब ईरान अमेरिका की प्रमुख शर्तों को पूरा करेगा। वित्त मंत्री ने कहा कि खाड़ी क्षेत्र में तनाव के बावजूद ऊर्जा बाजार मजबूत बना हुआ है और शिपिंग बाधाएं खत्म होने के बाद तेल कीमतों में गिरावट आ सकती है। बेसेंट ने कहा कि तेल की कीमतें पहले की अपेक्षाओं से कम हैं और इसका श्रेय अमेरिका के बढ़ते उत्पादन को दिया। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि अगर बातचीत से नतीजा नहीं निकला तो अमेरिका सरकार का धैर्य असीमित नहीं है।
खाड़ी से निकलने का इंतजार कर रहे करीब दो हजार जहाज: स्कॉट बेसेंट
स्कॉट बेसेंट के खुलासे से पहली बार अंदाजा लगा है कि इस अहम समुद्री रास्ते पर कितना बड़ा जाम लग चुका है। दुनिया के तेल और लिक्विफाइड नेचुरल गैस (एलएनजी) का बड़ा हिस्सा आम तौर पर इसी रास्ते से गुजरता है। व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बात करते हुए बेसेंट ने कहा कि करीब 2,000 जहाज खाड़ी से बाहर आने का इंतजार कर रहे हैं। हालांकि, उन्होंने भरोसा जताया कि जैसे ही शिपिंग दोबारा सामान्य होगी, दुनिया के बाजार इस स्थिति को संभाल लेंगे। अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने संयुक्त राज्य अमेरिका को दुनिया की अग्रणी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) पावर घोषित करते हुए तर्क दिया कि चीन अभी भी काफी पीछे है। वाशिंगटन इस सदी की सबसे महत्वपूर्ण रणनीतिक प्रतिस्पर्धाओं में से एक में अपनी तकनीकी बढ़त बनाए रखने की कोशिश कर रहा है। बेसेंट ने कहा, ‘अमेरिका विश्व में एआई का अग्रणी देश है। हम एक एआई महाशक्ति हैं। चीन दूसरे स्थान पर है, लेकिन काफी पीछे है।’