महाराष्ट्र के ठाणे जिले में एक निजी निवेश कंपनी के छह निदेशकों के खिलाफ 68 निवेशकों से कथित तौर पर 7.09 करोड़ रुपये की ठगी करने का मामला दर्ज किया गया है। आरोप है कि कंपनी के निदेशकों ने निवेशकों को हर महीने भारी रिटर्न देने का भरोसा दिलाकर उनसे पैसे लिए। पुलिस के मुताबिक, यह धोखाधड़ी कई वर्षों तक अलग-अलग कंपनियों के जरिए की गई। पुलिस के अनुसार, मामले की शुरुआत वर्ष 2018 में हुई थी। मुंबई के मालाड इलाके में वड़ा पाव की दुकान चलाने वाला एक व्यक्ति उस समय बीमा पॉलिसी खरीदना चाहता था। इसी दौरान उसके एक परिचित ने उसकी मुलाकात एक ऐसे व्यक्ति से कराई, जो उस समय शेयर ब्रोकिंग कंपनी चलाता था।
पांच हजार से शुरू किया निवेश
पीड़ित ने शुरुआत में कंपनी में 5,000 रुपये जमा किए। इसके बाद उसे हर महीने 5 प्रतिशत रिटर्न देने का वादा किया गया। भरोसा होने पर उसने कंपनी में करीब 3 लाख रुपये और जमा कर दिए। उसे बताया गया कि छह महीने में उसे करीब 1.05 लाख रुपये ब्याज के रूप में मिलेंगे। इसी तरह कंपनी ने दूसरे लोगों को भी ज्यादा मुनाफे का लालच देकर निवेश कराया। कुछ समय बाद जब निवेशक अपना ब्याज लेने मुंबई के कांदिवली स्थित कंपनी के कार्यालय पहुंचे तो उन्हें भुगतान के लिए करीब 45 दिन तक टालते रहे। पुलिस का आरोप है कि इस दौरान निवेशकों पर दबाव बनाकर उनसे हलफनामे पर हस्ताक्षर भी कराए गए। उनसे कहा गया कि उन्होंने जो पैसा दिया है, वह कंपनी में निवेश नहीं बल्कि आरोपी को दिया गया व्यक्तिगत कर्ज है। इसके बाद कांदिवली की शाखा बंद कर दी गई। निवेशकों को बाद में कंपनी के मुंबई के भांडुप स्थित मुख्य कार्यालय में जाने को कहा गया। वहां उन्हें रद्द किए गए चेक और ऑनलाइन निकासी की रसीदें दी गईं। लेकिन पैसा वापस नहीं मिला। कुछ समय बाद कंपनी की ओर से ईमेल भेजकर बताया गया कि उसके कामकाज को छह महीने के लिए रोक दिया गया है।
पुलिस के मुताबिक, मई 2023 में भांडुप पुलिस ने इसी शेयर ब्रोकिंग कंपनी को चलाने वाले आरोपी को निवेश संबंधी धोखाधड़ी के मामले में गिरफ्तार किया था। हालांकि बाद में उसे जमानत मिल गई। जमानत पर बाहर आने के बाद आरोपी ने एक वीडियो संदेश जारी किया, जिसमें उसने एक नई कॉरपोरेट पहल शुरू करने की बात कही। इसके बाद पुराने निवेशकों को अपना फंसा हुआ पैसा वापस मिलने की उम्मीद जगी।

