बॉलीवुड अभिनेता मुश्ताक खान का बीते महीने निधन हुआ और 30 सितंबर को उनकी प्रेयर मीट रखी गई, जिसमें कई सितारे पहुंचे थे। उसी समय सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें एक महिला चिल्लाती हुई नजर आईं। तभी राजपाल यादव भी बाहर जाते हुए दिखाई दिए। ऐसे में वह वीडियो देखने के बाद कहा गया कि राजपाल यादव को दिवंगत अभिनेता की प्रेयर मीट से जाने के लिए बोला गया था। अब इस दावे पर सोशल मीडिया क्रिएटर नजमा शेख ने अपनी चुप्पी तोड़ी है।
क्या बोलीं नजमा शेख?
शुक्रवार को नजमा शेख ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक वीडियो शेयर किया और प्रार्थना सभा और दफन के दौरान हुई पूरी घटना के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि इस घटना को लेकर कई रिपोर्ट्स की वजह से लोगों के बीच गलतफहमियां पैदा हुई हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे पूरी बात समझने के बाद ही कोई निष्कर्ष निकालें। अपने वीडियो में नजमा शेख ने कहा, ‘मेरा नाम नजमा शेख है और आज मैं मुश्ताक खान साहब की प्रार्थना सभा के बारे में बात करने जा रही हूं। इस मामले को लेकर बहुत सारी गलतफहमियां फैलाई गई हैं और अफवाहें रुकने का नाम नहीं ले रही हैं। इसलिए आज मैं आपको सच बताना चाहती हूं और यह साफ करना चाहती हूं कि वास्तव में क्या हुआ था।’ क्रिएटर ने आगे कहा, ‘सच्चाई यह है कि राजपाल भैया, मुश्ताक खान के बहुत करीब थे। वह उन्हें बड़े भाई की तरह मानते थे और दोनों के बीच बहुत अच्छा रिश्ता था। मुश्ताक खान के निधन से दो घंटे पहले भी राजपाल भैया उनके साथ थे। जिस दिन मुश्ताक खान को कब्रिस्तान ले जाया गया, उस दिन भी राजपाल भैया वहां मौजूद थे। वह प्रार्थना सभा में भी मौजूद थे। मैं ये बातें इसलिए बता रही हूं ताकि लोग सच्चाई समझ सकें और किसी गलतफहमी में न आएं।’
शुक्रवार को नजमा शेख ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक वीडियो शेयर किया और प्रार्थना सभा और दफन के दौरान हुई पूरी घटना के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि इस घटना को लेकर कई रिपोर्ट्स की वजह से लोगों के बीच गलतफहमियां पैदा हुई हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे पूरी बात समझने के बाद ही कोई निष्कर्ष निकालें। अपने वीडियो में नजमा शेख ने कहा, ‘मेरा नाम नजमा शेख है और आज मैं मुश्ताक खान साहब की प्रार्थना सभा के बारे में बात करने जा रही हूं। इस मामले को लेकर बहुत सारी गलतफहमियां फैलाई गई हैं और अफवाहें रुकने का नाम नहीं ले रही हैं। इसलिए आज मैं आपको सच बताना चाहती हूं और यह साफ करना चाहती हूं कि वास्तव में क्या हुआ था।’ क्रिएटर ने आगे कहा, ‘सच्चाई यह है कि राजपाल भैया, मुश्ताक खान के बहुत करीब थे। वह उन्हें बड़े भाई की तरह मानते थे और दोनों के बीच बहुत अच्छा रिश्ता था। मुश्ताक खान के निधन से दो घंटे पहले भी राजपाल भैया उनके साथ थे। जिस दिन मुश्ताक खान को कब्रिस्तान ले जाया गया, उस दिन भी राजपाल भैया वहां मौजूद थे। वह प्रार्थना सभा में भी मौजूद थे। मैं ये बातें इसलिए बता रही हूं ताकि लोग सच्चाई समझ सकें और किसी गलतफहमी में न आएं।’
किन लोगों पर था नजमा का गुस्सा?
शेख ने आगे बताया कि उनका गुस्सा उन लोगों पर था, जो अंतिम संस्कार के दौरान तस्वीरें ले रहे थे। उन्होंने कहा कि वहां लोग अभिनेता के निधन पर शोक जताने और उन्हें श्रद्धांजलि देने के लिए आए थे। क्रिएटर ने कहा, ‘मेरा गुस्सा उन लोगों पर था, जो सिर्फ तस्वीरें लेने के लिए वहां आए थे और यह नहीं समझ रहे थे कि वहां किस तरह का माहौल है।’ उन्होंने आगे कहा, ‘मैं यह साफ करना चाहती हूं कि मेरा गुस्सा राजपाल भैया पर नहीं था। मेरा गुस्सा उन लोगों पर था, जो उस समय और उस जगह पर तस्वीरें ले रहे थे, जब लोग शोक मनाने और श्रद्धांजलि देने के लिए वहां मौजूद थे।’ बता दें कि मुश्ताक खान का निधन 24 सितंबर को मुंबई के नानावती अस्पताल में निधन हुआ था। कैंसर की बीमारी के बाद उनकी तबीयत लगातार बिगड़ रही थी।
शेख ने आगे बताया कि उनका गुस्सा उन लोगों पर था, जो अंतिम संस्कार के दौरान तस्वीरें ले रहे थे। उन्होंने कहा कि वहां लोग अभिनेता के निधन पर शोक जताने और उन्हें श्रद्धांजलि देने के लिए आए थे। क्रिएटर ने कहा, ‘मेरा गुस्सा उन लोगों पर था, जो सिर्फ तस्वीरें लेने के लिए वहां आए थे और यह नहीं समझ रहे थे कि वहां किस तरह का माहौल है।’ उन्होंने आगे कहा, ‘मैं यह साफ करना चाहती हूं कि मेरा गुस्सा राजपाल भैया पर नहीं था। मेरा गुस्सा उन लोगों पर था, जो उस समय और उस जगह पर तस्वीरें ले रहे थे, जब लोग शोक मनाने और श्रद्धांजलि देने के लिए वहां मौजूद थे।’ बता दें कि मुश्ताक खान का निधन 24 सितंबर को मुंबई के नानावती अस्पताल में निधन हुआ था। कैंसर की बीमारी के बाद उनकी तबीयत लगातार बिगड़ रही थी।

